मूल–चामोर्शी रेल्वेमार्गासाठी मागणीला वेग; मुख्यमंत्र्यांच्या कार्यालयाकडून दखल
गडचिरोली/चंद्रपूर, दि. १५ एप्रिल २०२६
जिल्ह्यातील औद्योगिक वाढ, वाढते रस्ते अपघात आणि धार्मिक पर्यटनाची वाढती गरज लक्षात घेता मूल–चामोर्शी रेल्वेमार्गाच्या मंजुरीची मागणी पुन्हा एकदा जोर धरत आहे. या मागणीची दखल घेत देवेंद्र फडणवीस यांच्या कार्यालयाने संबंधित निवेदन पुढील कार्यवाहीसाठी परिवहन व बंदरे तसेच गृह विभागाकडे पाठविल्याची माहिती आज प्राप्त झाली आहे.
चामोर्शी तालुक्यातील भेंडाळा परिसरातील प्रस्तावित JSW प्रकल्प, कोनसरी येथील लोह प्रक्रिया प्रकल्प तसेच इतर उदयोन्मुख उद्योगांमुळे या भागातील मालवाहतुकीत मोठी वाढ अपेक्षित आहे. या पार्श्वभूमीवर रस्ते वाहतुकीवरील ताण कमी करून अपघातांचे प्रमाण आटोक्यात आणण्यासाठी स्वतंत्र रेल्वेमार्ग उभारणे अत्यावश्यक असल्याचे मत स्थानिकांकडून व्यक्त होत आहे.
या विषयावर मार्कंडेश्वर बहुउद्देशीय सुशिक्षित बेरोजगार विकास संस्थेचे केंद्रीय अध्यक्ष श्रीमंत संतोष छबिलदास सुरपाम यांनी (CMS 28404 date 14/04/2011) ला पाटविलेल्या पत्रावर कार्यवाही करत दि २०/०४/२०११ रोजी रेल्वे सचिव रेल मंत्रालय कडे पाटविले होते हे विशेष! तेव्हा पासून सातत्याने पाठपुरावा केला आहे. त्यांच्या प्रयत्नांमुळे यापूर्वीही राज्य व केंद्र स्तरावर पत्रव्यवहार झाला होता; मात्र प्रस्ताव अद्याप प्रलंबित आहे.
जिल्ह्यातील वाढत्या उद्योगांसाठी कोळसा, लोखंड, बांधकाम साहित्य तसेच तयार मालाच्या वाहतुकीसाठी मोठ्या प्रमाणात सुरक्षित आणि जलद पर्यायाची गरज निर्माण झाली आहे. रेल्वेमार्ग अस्तित्वात आल्यास उद्योगांना मोठा दिलासा मिळेल, तसेच रस्ते अपघातांत घट होऊन जीवितहानी टाळता येईल, असा विश्वास व्यक्त केला जात आहे.
दरम्यान, चामोर्शीजवळील प्रसिद्ध मार्कंडादेव तीर्थक्षेत्रात दरवर्षी लाखो भाविक दर्शनासाठी येतात. रेल्वे सुविधा उपलब्ध झाल्यास धार्मिक पर्यटनाला मोठी चालना मिळून स्थानिक अर्थव्यवस्थेला बळकटी मिळेल, असेही मत व्यक्त होत आहे.
मुख्यमंत्री कार्यालयाकडून प्राप्त झालेल्या पत्रानुसार, “आपला ई-मेल या कार्यालयास प्राप्त झाला असून, सदर ई-मेल योग्य त्या कार्यवाहीसाठी परिवहन व बंदरे तसेच गृह विभाग (विमानचालन) यांना पाठविण्यात आला आहे,” असे कळविण्यात आले आहे.
“गडचिरोली जिल्ह्याच्या सर्वांगीण विकासासाठी मूल–चामोर्शी रेल्वेमार्ग तातडीने मंजूर करावा आणि प्रस्तावित उद्योगांना रेल्वे कनेक्टिव्हिटी अनिवार्य करावी,” अशी मागणी श्रीमंत संतोष सुरपाम यांनी पुन्हा एकदा केली आहे.
जिल्ह्याच्या औद्योगिक, सामाजिक आणि धार्मिक विकासाचा पाया ठरणाऱ्या या महत्त्वपूर्ण प्रकल्पाबाबत सरकारने सकारात्मक निर्णय घ्यावा, अशी अपेक्षा नागरिक व विविध सामाजिक संस्थांकडून व्यक्त होत आहे.
प्रेस नोट हिन्दी
मूल–चामोर्शी रेलमार्ग की मांग को मिला गति; मुख्यमंत्री कार्यालय ने लिया संज्ञान
गडचिरोली/चंद्रपुर, दिनांक 15 अप्रैल 2026
जिले में औद्योगिक विकास, बढ़ती सड़क दुर्घटनाएं और धार्मिक पर्यटन की बढ़ती आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए मूल–चामोर्शी रेलमार्ग की मंजूरी की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। इस मांग पर संज्ञान लेते हुए Devendra Fadnavis के कार्यालय ने संबंधित निवेदन को आगे की कार्रवाई के लिए परिवहन व बंदरगाह तथा गृह विभाग को भेज दिया है, ऐसी जानकारी आज प्राप्त हुई है।
चामोर्शी तालुका के भेंडाळा क्षेत्र में प्रस्तावित JSW प्रकल्प, कोनसरी स्थित लौह प्रसंस्करण परियोजना तथा अन्य उभरते उद्योगों के कारण इस क्षेत्र में माल परिवहन में भारी वृद्धि की संभावना है। इस पृष्ठभूमि में सड़क यातायात पर बढ़ते दबाव को कम करने और दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए एक स्वतंत्र रेलमार्ग का निर्माण अत्यंत आवश्यक बताया जा रहा है।
इस विषय पर मार्कंडेश्वर बहुउद्देशीय सुशिक्षित बेरोजगार विकास संस्था के केंद्रीय अध्यक्ष श्रीमंत संतोष छबिलदास सुरपाम द्वारा (CMS 28404, दिनांक 14/04/2011) भेजे गए पत्र पर कार्रवाई करते हुए 20/04/2011 को रेल मंत्रालय के रेल सचिव को पत्र प्रेषित किया गया था, यह उल्लेखनीय है। तब से इस विषय पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उनके प्रयासों के कारण पहले भी राज्य और केंद्र स्तर पर पत्राचार हुआ है, हालांकि प्रस्ताव अभी भी लंबित है।
जिले में बढ़ते उद्योगों के लिए कोयला, लोहा, निर्माण सामग्री तथा तैयार माल के परिवहन हेतु सुरक्षित और तेज विकल्प की आवश्यकता है। रेलमार्ग बनने से उद्योगों को बड़ा लाभ मिलेगा और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आकर जनहानि रोकी जा सकेगी, ऐसा विश्वास व्यक्त किया जा रहा है।
इस बीच, चामोर्शी के पास स्थित प्रसिद्ध मार्कंडादेव तीर्थ क्षेत्र में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। रेल सुविधा उपलब्ध होने पर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, ऐसा भी मत व्यक्त किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त पत्र के अनुसार, “आपका ई-मेल इस कार्यालय को प्राप्त हुआ है और उसे आवश्यक कार्रवाई हेतु परिवहन व बंदरगाह तथा गृह विभाग (विमानन) को भेज दिया गया है,” ऐसा बताया गया है।
“गडचिरोली जिले के समग्र विकास के लिए मूल–चामोर्शी रेलमार्ग को शीघ्र मंजूरी दी जाए और प्रस्तावित उद्योगों को रेल कनेक्टिविटी अनिवार्य की जाए,” ऐसी मांग श्रीमंत संतोष सुरपाम ने पुनः की है।
जिले के औद्योगिक, सामाजिक और धार्मिक विकास की नींव रखने वाले इस महत्वपूर्ण परियोजना पर सरकार जल्द सकारात्मक निर्णय ले, ऐसी अपेक्षा नागरिकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा व्यक्त की जा रही है।
PRESS NOTE
Demand for Mul–Chamorshi Railway Line Gains Momentum; Chief Minister’s Office Takes Cognizance
Gadchiroli/Chandrapur, April 15, 2026
Considering the district’s industrial growth, rising road accidents, and the increasing need for religious tourism, the demand for approval of the Mul–Chamorshi railway line has once again gained momentum. Taking cognizance of this demand, the office of Devendra Fadnavis has forwarded the concerned representation to the Transport & Ports Department as well as the Home Department for further necessary action, according to information received today.
With the proposed JSW project in Bhendala area of Chamorshi taluka, the iron processing project at Konsari, and other emerging industries, a significant rise in freight movement is expected in the region. In this context, locals have emphasized the urgent need for a dedicated railway line to reduce the burden on road transport and to control the increasing number of accidents.
It is noteworthy that on this issue, a letter sent by Shrimant Santosh Chhabilal Surpam, Central President of Markandeshwar Multipurpose Educated Unemployed Development Organization (CMS 28404, dated 14/04/2011), was acted upon and forwarded to the Railway Secretary, Ministry of Railways on April 20, 2011. Since then, continuous follow-ups have been made. Due to his efforts, correspondence has taken place at both state and central levels earlier as well; however, the proposal still remains pending.
With the growth of industries in the district, there is a pressing need for a safe and efficient mode of transportation for coal, iron, construction materials, and finished goods. The establishment of a railway line would provide significant relief to industries and help reduce road accidents, thereby preventing loss of lives, it is believed.
Meanwhile, the famous Markandadev pilgrimage site near Chamorshi attracts lakhs of devotees every year. Availability of railway connectivity would give a major boost to religious tourism and strengthen the local economy, as expressed by many.
According to the letter received from the Chief Minister’s Office, “Your email has been received by this office and has been forwarded to the Transport & Ports Department and the Home Department (Aviation) for appropriate action.”
“Approval of the Mul–Chamorshi railway line should be granted at the earliest for the overall development of Gadchiroli district, and railway connectivity must be made mandatory for the proposed industries,” reiterated Shrimant Santosh Surpam.
Citizens and various social organizations have expressed hope that the government will take a positive decision on this important project, which is expected to lay the foundation for the district’s industrial, social, and religious development.





